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सस्पेंस खत्म: दो हिस्सों में बंटा कश्मीर


Noida:


नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर बहुत बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने संकल्प राज्यसभा में पेश किया है। इसके अलावा राज्यसभा में अमित शाह ने राज्य पुनर्गठन विधेयक को पेश किया है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया है।
लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है। अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें। अब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है, लेकिन यहां विधानसभा नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है। देश की राजधानी दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।

370 ने कश्मीर को भारत से नहीं जुडऩे दिया: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि 370 के कारण जम्मू कश्मीर के लोग गरीबी में जीने को मजबूर हैं और उन्हें आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है। इसी अनुच्छेध के कारण कश्मीर के 3 परिवारों ने कश्मीर को सालों तक लूटा है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 से कश्मीर को भारत के साथ नहीं जोड़ा है बल्कि राजा हरि सिंह ने संधि साइन की थी, धारा 370 कश्मीर के भारत से जुडऩे से पहले ही आ चुकी थी। इसी धारा ने कश्मीर को भारत के साथ जुडऩे ही नहीं दिया।

धरने पर बैठे गुलाम नबी, हंगामा
राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत ही जम्मू कश्मीर को भारत के साथ जोड़ा गया था और इसके पीछे लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी है। उन्होंने कहा कि हजारों नेताओं ने अपने नेता और कार्यकर्ता खो दिए हैं। आजाद ने कहा कि 1947 से हजारों आम नागरिकों की जान गई हैं। जम्मू कश्मीर को भारत के साथ रखने के लिए हजारों बलिदान हुए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोग हर हालत में भारत के साथ खड़े रहे। राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद धरने पर बैठ गए।

राम माधव बोले- श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना आज हुआ पूरा
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने की सिफारिश कर दी गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संकल्प पेश करते हुए राज्य के पुनर्गठन और धारा 370 को हटाने की सिफारिश की। केंद्र सरकार के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने खुशी जाहिर की है। बीजेपी नेता राम माधव ने कहा कि सरकार ने सात दशक पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। भारतीय संघ में जम्मू-कश्मीर के एकीकरण का जो सपना डॉ। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देखा था और जिसके लिए हजारों लोगों ने शहादत दी थी।

पीडीपी सांसद ने फाड़ा संविधान
जम्मू-कश्मीर में नरेंद्र मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसला से पीडीपी बौखला गई है। पीडीपी के राज्यसभा सदस्य मीर मोहम्मद फैयाज ने सोमवार को संविधान की प्रति फाड़ दी। इसके बाद राज्यसभा के सभापति एम। वेंकैया नायडू ने मीर मोहम्मद फैयाज को सदन छोडऩे का निर्देश दिया। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह के ऐलान के बाद पीडीपी के दोनों राज्यसभा सदस्यों ने अपने कपड़े फाड़ दिए थे।