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केसों की सुनवाई न होने पर जेल में गुजर रही जिंदगी


Noida:

लुक्सर। गौतमबुद्धनगर जिला कारागार में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में महानिदेशक कारागार आनंद कुमार ने शिरकत की। इस दौरान उनके साथ एडिशनल कमिश्नर कानून व्यवस्था लव कुमार और आर्पणा गांगुली के साथ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा मौजूद रहे।
इस मौके पर आनंद कुमार ने कहा कि यह सिस्टम की विडंबना है कि जेल में विचाराधीन बंदियों की संख्या काफी अधिक है। केस की सुनवाई पूरी होने पर जब वे निर्दोष साबित होते हैं तो उनका काफी समय जेल में गुजर रहा है। जिसे वापस नहीं लौटाया जा सकता। उन्होंने हेलो फरमाइश में पूछे गए बंदियों के सवालों के जवाब दिए।
सवाल के जवाब में कहा कि जेल सुधार गृह है। यहां बंदी अपराध बोध से मुक्त होकर आम नागरिक की भांति रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जेलों में कोरोना काल के दौरान 27 लाख से अधिक मास्क तैयार किए गए। यह देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा का विषय रहा। बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मुलाकात की प्रक्रिया बंद की गई है। बंदियों को फोन से परिजन से बात करने की सुविधा दी गई। सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष फरवरी में मुलाकात की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। स्वयंसेवी संस्था आर्ट क्रिएशन कल्चरल सोसायटी ने सोमवार को जेल परिसर में आयोजित रियलिटी शो अद्भुत कलाकार बिहाइंड द बार का आयोजन किया। संस्था ने जेल में कुछ सप्ताह पहले बंदियों का ऑडीशन लेकर अभ्यास कराया था। डांस, गायन सहित अन्य क्षेत्र में 250 से अधिक बंदियों ने अपनी प्रस्तुति दी थी। सोमवार को सेमी फाइनल मुकाबले का आयोजन किया गया। विभिन्न क्षेत्र में बंदियों ने शानदार प्रस्तुति दी।

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